दिमाग की हरकतों को समझो जिंदगी खुशनुमा बन जायेगी।







इस post  को थोड़ा और ज़्यादा ध्यान से समझने की कोशिश कीजिएगा क्योंकि इस में मैं थोड़ा scientific तरीके से बात करने वाला हु जैसे की हर बार किसी काम को टालते जाना, काम करने का मन नहीं होना, शुरू में excited होना फिर मन नहीं होना यह सब क्यो होता हैं या फिर कोई भी आलस का आना यह सब क्यो होता हैं वह सब आपको समझ आने वाला हैं, एक कामयाब इंसान का दिमाग़ कैसे काम करता हैं वह मैं आपको science के language से समझाने वाला हूँ।

इंसान के खुश होने के पीछे मैं scientific तरीके बताने वाला हूँ कि खुशी के वक़्त आपके दिमाग़ मे क्या हो रहा होता हैं और कैसे आप खुशी को बढ़ा सकते हैं वह भी बताने वाला हूँ क्योंकि खुश रहोगे तभी तो अच्छे से काम कर पाओगे। मेरा खुश रहने का मतलब हैं productive

feel करना क्योंकि मेरा ऐसा मानना हैं कि जब आप खुश रहोगे तभी आप productive रहते हो, mind अच्छे से work करता हैं, excited होते हो काम करने के लिए motivate होते हो।

अब आपको यह समझाने के बाद यह पता चल गया होगा कि जब आप खुश रहते हो और दुखी होते हो यानी आपके mood पर जो impact पड़ता हैं वो कैसे work करता हैं। आपके दिमाग़ मे क्या होता हैं जिसकी वजह से आपको अच्छा और बुरा feel होता हैं, अब पूरे ध्यान से पढ़ना क्योंकि मैं जो information आपको बताने वाला हूँ वो पढ़ने के बाद आपको लगेगा कि यार यह पहले क्यों नहीं पता था।

अब जो में आपको बताने वाला हूँ उसके बाद chances ज़्यादा high रहेंगे कि आप पहले से ज़्यादा खुश रहने लग जाओगे और आपने इस happiness के hormones
को अच्छे से समझ लिया, मैं यह भी नहीं कहता कि आपका mood कभी off नहीं होगा, swing नहीं होगा।

बुरा भी feel होगा!

लेकिन उस वक्त भी आपको यह पता होगा कि यह बस कुछ वक्त के लिए brain में hormones trigger हो रहा हैं और मैं आपको यह भी बताऊँगा कि कैसे आप इन hormones को बढ़ा सकते हो, यानी कैसे आप अपने brain में खुश रहने वाले hormones को बढ़ा सकते हो। यानी खुशी के वक़्त और दुःख के वक़्त आपके brain में क्या चल रहा हैं उसका आपको पूरा होश होगा और जब आपको पूरा होश होगा तो chances ज़्यादा होंगे कि आप गुस्से के वक़्त अपने गुस्से को पहले से ज़्यादा control कर पाओगे, दुःख में पहले से ज़्यादा अपने दुःख को संभाल पाओ और खुशी में अपनी खुशी को control कर पाओ ।

आइए समझते हैं हमारे दिमाग़ के अंदर यह जो hormones trigger होते हैं अलग-अलग activites

करने से, जैसे कुछ लोगो को नशे की आदत होती हैं वह इसी की वजह से होती हैं क्योंकि यही hormones brain में trigger होते हैं जब नशा हो रहा होता हैं और यह hormones इतना अच्छा feel करवाते हैं कि हमे

उस चीज का addiction हो जाता हैं। इसलिए education या फिर career के पैसे arrange करने में इतना दिमाग़ नहीं चलता जितना दिमाग़ नशे के लिए पैसे arrange करने में चलता हैं।

शुरुआत करते हैं हम nature से, इंसान ने हर बार कोई खोज की हैं और करता जा रहा हैं और आगे भी करता रहेगा, जबसे दुनिया बनी हैं तब से लेकर अब तक कितना कुछ बन गया। आपके हाथ मे जो phone है उस phone को किसी ने क्यो बनाया? किसी ने एक room में बैठ कर रात-रात भर जाग कर यह चीजें क्यो बनाई? कोई क्यो अपनी नींद उड़ाकर technology पर काम किये जा रहा हैं? कोई Billionaire बन जाने के बाद भी इतनी मेहनत क्यो कर रहा हैं, उसके दिमाग़ मे ऐसा क्या हैं जिसकी वजह से वह रुक नहीं रहा? यह वही Dopamine chemical


हैं जो चूल (craving) मचाता हैं, motivate करता है, कुछ life में अच्छा करने के लिए यही हमारे दिमाग के अंदर reward system हैं, जो चूल मचाता हैं किसी चीज को और भी ज्यादा better करने में, growth को आगे बढ़ाने में जब एक बार growth नज़र आ जाती हैं, यही हैं जो अच्छे result जानने के बाद excited करता हैं कि अब मैं यह करूँ अब मैं वो कर।


किसी person ने क्यो computer operating system (Os) को इतना आसान बनाया की कोई भी चाहे तो use कर सके? क्योंकि जब जब वह यह चीज बना रहा होता है या कोई भी scientist कुछ बना रहा होता हैं तो वह यह इसलिए करता हैं क्योंकि उसका दिमाग trigger कर रहा होता है, उसके brain में chemical

Release हो रहा होता हैं जिसकी वजह से उसे अच्छी feelings  रही होती है।

अच्छी feelings!

हम अच्छा feel करना चाहते हैं, हम सब happiness को पाने की race में लगे हैं, वह अच्छा feel नशे से या किसी भी गलत तरीके से भी ले सकते हैं और अच्छे तरीके से भी ।

जब किसी इंसान ने बहुत बड़ा कुछ कर दिया हो तब पूरी दुनिया उसकी तारीफ करती हैं तब उसे जो feel होता हैं वह उसकी life की best feeling बन जाती हैं, ठीक

इसी तरह जब कोई इंसान नशा करता है तो उसके लिए वो best feeling होती हैं। इंसान को कोई भी चीज

बनाना अच्छा लगता है, कुछ develope करना, better करना, आसान करना अच्छा लगता है, उसे sense of achivment मिलता हैं और यह feeling उसे बहुत प्यारी लगती है, इसी वक्त हमारे brain में यही chemical release हो रहे होते हैं, Dopominel

इसलिए एक बार सब कुछ भूल कर सिर्फ यह सोचों कि कोई भी artist होता है, अभी हम लेते हैं कवि को।

कोई भी शायरी या कोई भी book जब वो लिखता हैं, कई writers सिर्फ इसीलिए लिखते हैं क्योंकि जब वो पूरी हो जाती हैं तब उन्हें sense of achivment मिलता हैं। आपने देखा होगा जब कोई gym join करता है, उसकी थोड़ी सी body बन जाती हैं तो उसकी और body बनाने की इच्छा होती हैं क्योंकि human हर बार reward के पीछे भागता हैं, हर बार better होने के पीछे भागता हैं।
अब मुझे लगता हैं की आप आपने दिमाग की हरकतों को समझ गए होंगे । और अब आप आपने harmons पे control रख सकते हैं। और आप अपनी मर्जी से आपने body के harmons को release करवा सकते हैं । यदि आप इसे भी अच्छे से जानना चाहते हैं । तो comment करे अगला पोस्ट उसी पे होगा । 

तो क्या आपको जब कोई अच्छा काम करने से खुशी मिलती हैं ।तो क्यों ना दिन में छोटे छोटे goal को fix करे और उसे पूरा कर के खुश हो सकें। 
और यदि आपको कोई गलत कामों से खुशी मिलती हैं तो उसके direction को change करें । वो करना बहुत आसान हैं । लेकिन मैं ये पोस्ट में नही बताऊंगा । क्युकी ये पोस्ट काफी लंबा हो चुका हैं ।
यदि आप चाहते हैं की दूसरी पोस्ट इसे पे हो तो कमेंट करे । 

पोस्ट में लास्ट तक बने रहने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद । आपके जीवन का भी कोई कॉम्प्लिकेटेड प्रश्न हो तो आप कॉमेंट कर सकते है या मेरे fb पेज पे डायरेक्टर मेसेज ड्रॉप कर सकते है । Fb पेज के लिए होम पेज पे जाए वाहा नीचे fb का टेम्पलेट दिख जाएगा क्लिक कीजिए साथ ही हमारे पेज को भी फॉलो कर सकते हैं । पोस्ट से रिलेटेड कोई भी डाउट या कोई suggestion भी हो तो कमेंट जरूर करें ।
Motivation

Hey, i am Ankit Kumar from Jamshedpur but my native place is Bihar and i am a student in Bca (l) ,i am also a web developers, ethical hacker, blogger, affiliate marketer, and digital marketer.

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