आपने क्रोध या गुस्से पर नियंत्रण कैसे रखे।

 

आज हमारे एक अजीज दिल के काफी करीब एक एहसास बन कर रहने वाले दोस्त ने एक विषय दिया कि इस पे मै तुमना कुछ मत रखु .जो विषय आपने नाराज या गुस्सा पर नियंत्रण कैसे रखें। तो इस टॉपिक को बंद करने से पहले हमलोग जानेंगे की गुस्सा है क्या ??
गुस्सा क्यों आता है ?? उसके बाद हम चलेंगे गुस्सा के नियंत्रण के उपर ।। तो यदि आप इन सभी सवालों के जवाब जानना चाहते हैं। तो पोस्ट के लस्ट तक बने रहे। आशा की आप को बहुत कुछ सीखने का मौका मिला ।।

गुस्सा या गुस्सा क्या हैं?



क्रोध मन की एक स्तिथि या भाव हैं। जो कि कोई अनुचित या प्रतिकूल कार्य होने पर मन में उत्पन रवैयायार होता है।

गुस्सा क्यों होता है?

क्रोध का जन्म कर्मण या इच्छा से होता है, जैसे कि एक शिक्षक ने छात्रों से कहा है कि कल आपलोग को चैप्टर 1 याद कर के आते हैं, अगले दिन  शिक्षक ने सभी छात्रों से पूछा लेकिन उनमे से कुछ छात्रों ने सुना है कुछ नहीं दिया है है सुनाया जिस छात्रों ने सुना है उसके प्रति  शिक्षक ने खुशी जाहिर करते हुए शकी दी, लेकिन जिसने नहीं सुनाया  उसके प्रति  शिक्षक गुस्सा करते हैं। तो इस कहानी से साफ जाहिर होता है। उस  शिक्षक   कि कामना सभी छात्रों से सुनने की थी। जिन्होंने उनकी कामना की पूर्ति कर दी उन पे खुश हुए पर जिन्होंने उनकी कामना की पूर्ति नहीं की अनपे उन्हें गुस्सा आ गया।
"" जब कामना या इच्छा की पूर्ति होती हैं तो खुशी महसूस होती हैं। और जब उसी कामना की पूर्ति ना हो तो वो उग्र में तबील हो जाते हैं। ""


क्रोध का निवारण कैसे करें?

यदि आप Google पे सर्च करे की गुस्सा के हस्तक्षेप के उपाय तो 1000 आर्टिकल मिल जायेंगे, उसमे से कुछ खास हैं।
- जब आप झूठी में आये तो गहरी सांस ले उससे आपका माइंड का पूरा फोकस आपकी सांसो पे चला जाता है। तो उस समय हमारे माइंड में कोई भी सोच नहीं रहती है तो गुस्सा आना बंद हो जाता है। -


--आपको जब भी गुस्सा आये तो 1 से 10 तक उल्टी गिनती गिने तो गुस्सा आना बंद हो जाता हैं। ये भी उसी प्रकार है, की जब आपको गुस्सा आता है तो आपने माइंड का फोकस उग्र वाली बात से गिनती पे फोकस करते है, जिससे हमारे मन का सारा फोकस गिनती पे हो जाता है, और गुस्से वाली बात को कुछ समय भूल जाते हैं। .-- 
- मन पसंद संगीत सुनने कर भी उग्र को कम किया जाता है।
- या कोई वैसा काम करे जिसमें आपको मजा आता हो उससे भी नाराज काम किया जा सकता है ।---
तो देखा आपने की आपको जब गुस्सा भी आया था तो आपने माइंड को डाइवर्ट करना होता है। जिससे उस समय गुस्सा नहीं आता है।
लेकिन जब आप इन सभी नुस्खे को आजमाते हैं तो उनका असर कुछ समय के लिए ही रहता है और वापस से जब आपका माइंड उन बातों को फिर से याद करते है तो वापस से गुस्सा आने लगता है। तो हम इसा क्या करें कि गुस्सा हमेशा हमेशा के लिए ख़तम हो जाए।
तो गुस्सा को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए आपको कामना को कम करना होगा यानी किसी से कोई उम्मीद ना रखें क्या ऐसा संभव हैं। तो आपलोग ने कहा कि नहीं और ऐशा नहीं हो सकती हैं और ये बिस्वास हैं


 है कि इस दुनिया में अगर इच्छा ना हो तो फिर वह इंसान नहीं भगवान माने जाते हैं, जैसे भगवान बुद्ध जो की एक राजकुमार होने के बाबुओं आपनी सरी ई शुभ को मार कर मोछ की प्राप्ति की।
इच्छा को बिल्कुल खत्म तो नहीं लेकिन कम किया जा सकता है। क्युकी अगर इच्छा को खत्म कर दिया जाए तो कोई पूरी दुनिया से ये सारा रिश्ता होने मोहबब्त सब की सब कहीं ना कहीं इच्छा के कारण ही जुडी होती हैं। 
इसलिए तो कहा जाता है कि जब किसी इंसान पे गुस्सा ना आया तो समझ लेना वो इंसान आप से दूर हो रहा है, क्युकी जब भी आप किसी इंसान को जितना जायदा मोहब्बत करते हैं तो उससे इतनी ही उम्मीद या इछा बढ़ जाती हैं। और इसी कारण उनकी छोटी-छोटी बातो पे नाराज हो जाता है। 


आशा करता हूँ कि आपको ये पोस्ट से कुछ नया सीखने का मौका मिला होगा। इस पोस्ट को पूरा पढ़ने के लिए आपका दिल से शुक्रिया बहुत बहुत आभार अगर पोस्ट से रिलेटेड कोई सवाल नहीं है तो कमेंट करें। या अगला पोस्ट किस टॉपिक पे होना चाहिए।

                            🙏🙏🙏













Motivation

Hey, i am Ankit Kumar from Jamshedpur but my native place is Bihar and i am a student in Bca (l) ,i am also a web developers, ethical hacker, blogger, affiliate marketer, and digital marketer.

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