How to take a right decision ? सही decision कैसे लें ?

क्यों 90% लोग सही decision नहीं ले पाते हैं । केवल 10% लोग ही सही decision ले पाते हैं । अगर आप भी इस 10% लोग में सामिल होना  चाहते है । इसे पूरा पढ़े 


How to take a right decision ? सही decision कैसे लें ?


सही decision कैसे लें ?

इस दुनिया में हर इन्सान आपनी life में almost everyday हमें कोई न कोई decision लेना पड़ता हैं पर इनमे से कुछ decision के wrong साबित होने से life में कोई ज्यादा effect नहीं पडता पर life में कुछ इसे भी decision भी लेने पड़ते है  जो आपकी सफलता को तय करती है वैसे  decision अगर  wrong साबित होती है । तो आपकी image और life को तबाह भी कर सकता है जिसके लिए आपको lifetime तक regret करना पड़ सकता है। पर वही right decision आपकी life बना देता है । हालांकि कोई भी person 100% sure नहीं हो सकता कि वो जो decision ले रहा है वो सही साबित होगा। क्योंकि हम right or wrong decision नहीं ले सकते हैं। हम सिर्फ़ decision ले सकते हैं, वो decision right था या wrong था ये तो आने वाला वक़्त बताएगा। लेकिन इस दुनिया में ऐसे भी लोग हैं जो आपने life experiences और  philosophy के basic पर  correct decision ले पाते हैं । और इन्ही सफल लोगो  के life को closely observe कर के एक technique develop किया गया है जिसे decision making skill के नाम से जाना जाता है । जिसे समझ कर एक आम person भी correct decision ले सकता है । हलाकि decision making skill के अनुसार कोई भी decision सही और गलत नहीं होती गलत होती है तो सिर्फ decision लेने के तरीके(ways of decision making )  और decision लेने के 2 तरीके होते हैं । 
(1).  Emotionally  ( भावनात्मक )
(2).  Logically       ( तर्कसंगत )
इन दोनों तरीको को मैंने पिछले पोस्ट में अच्छे से explain किया हूँ। जिसका लिंक निचे दिया गया है आप जा के पढ़ सकते है । 


emotionally ली जाने 99% decision गलत साबित होती है , फिर भी ज्यदातर लोग emotionally decision ही ले पाते है । क्या आप भी emotionally किसी decision को लेते है ? और इस सवाल को जानने के लिय मैं आपके साथ एक situation share कर रहा हूं जिसमें आपके पास 2 options होंगे आपको उनमें से कोई एक option जो आपको सही लगे वो choose करना है , और आप जो भी 1st option choose करेंगे उसे बदलना नहीं और ना ही मेरे पास share करना है , केवल आपको जानना है की क्या आप भी emotionally decision लेते है । और यदि आपको लगता है की आप सच्च में  emotionally decision उसे बदलने की कोशिश कीजिये , और यदि आप ऐसा नहीं करते है तो आपने आप को धोखा देंगे , मुझे नहीं  ।


तो situation कुछ इस प्रकार है कि एक railway station है जहां पर 2 railway tracks है। एक active track है जिस पर रोज़ trains गुजरती हैं और दूसरा track inactive है जो 5 सालों से बंद हैं और उस पर अब कोई भी train नहीं गुजरती हैं।

How to take a right decision ? सही decision कैसे लें ?


 Situation ये हैं कि active track जिस पर रोज़ trains गुजरती हैं उस track पर 10 बच्चे खेल रहे हैं। और inactive track जो 5 सालों से बंद हैं उस पर सिर्फ़ 1 बच्चा खेल रहा है। सामने से एक train आ रही हैं। Condition ये हैं कि train रुक नहीं सकती और बच्चों को track से हटाया नहीं जा सकता। आप उस station के track incharge हों मतलब train को कौन सी पटटी पर चलाना है ये आपके हाथ में है। अगर train Active track पर आगे बढ़ती है तो 10 बच्चे मरेंगे क्योंकि वो Active track पर खेल रहे हैं। लेकिन track incharge होने के नाते आप चाहें तो train को inactive track पर divert कर सकते हैं जिस पर सिर्फ एक ही बच्चा खेल रहा है और 10 बच्चों की जान बचा सकते हैं। अब सवाल ये है कि आप 10 बच्चों की जान बचाना चाहेंगे या 1 बच्चे की? 
perfect answer क्या हैं और ऐसी situation में right decision कैसे लिया जाता हैं? लेकिन Next paragraph को पढ़ने से पहले आप इस situation में क्या decision लेते वो सोच लीजिए। और धयान रहे answer बदलना नहीं हैं ।


Emotional Decision VS Logical/Reasonable Decision

जब भी कोई person कोई decision लेता है तो वो decision 2 चीज़ों के आधार पर लेता है या तो उसका decision logics और reasons (तर्क) के आधार पर होगा या फिर emotions ( भावनाओं) के आधार पर होगा। Logical Reasonable decision का मतलब है decision लेने से पहले उसमें logics और reasons ढूंढ़ना और उस decision के क्या क्या aftereffects परिणाम हो सकते हैं उसका pre analysis करना और फिर decision लेना। जबकि emotional decision में न तो logics देखे जाते हैं और ना ही उस decision के aftereffects
परिणामों का pre analysis किया जाता है बस उस वक्त जो आपको सही लगता है या जिस चीज़ से आपकी emotions attach होती हैं आप उसी के favour decision railway track वाली situation में अगर आपने train को inactive track पर divert कर के 10 बच्चों को बचाने का decision लिया है तो आप एक Emotional Decision Maker हो मतलब आप अपने Decisions emotion के आधार पर लेते हो और अगर आपने train को active track पर ही जाने दिया भले 10 बच्चे मारे जाए तो आप एक logical/ Reasonable decision maker हो। और जो लोग अपने decisions logies के आधार पर लेते हैं उनके decisions 99% सही साबित होते हैं। और जो लोग अपने decisions emotions के आधार पर लेते हैं उनके decisions 99% गलत साबित होते हैं। Let's understand, how it works?


Logical Decisions are always better Than Emotional Decisions

अगर आपने train को inactive track पर divert कर के 10 बच्चों को बचाने का decision लिया है तो ये इसलिए लिया है क्योंकि आपने सोचा कि inactive track पर सिर्फ एक ही बच्चा खेल रहा है और active track पर 10 बच्चे खेल रहे हैं। और एक बच्चे की जान बचाने से ज्यादा important है कि 10 बच्चों की जान बचाई जाए। हालांकि आपकी सोच अच्छी है लेकिन जब आप situation का complete analysis करेंगे तो आपको समझ में आयेगा कि उन 10 बच्चों को बचाने के चक्कर में सैंकड़ों लोगों की जान जा सकती हैं और जान माल का बोहत बड़ा नुकसान हो सकता हैं और आपको decision लेने से पहले ये जानने की भी जरूरत है  कि उन 10 बच्चों और 1 बच्चे में से right decision
किसने लिया था? 10 बच्चों ने active track पर खेलने का decision लिया था जिस track पर daily trains गुजरती हैं और उस 1 बच्चे ने inactive track पर खेलने का decision लिया था जो सालों से बंद हैं जिस पर train नहीं चलती हैं। तो किसका decision right था? of course उस single बच्चे का decision सही था और उन 10 बच्चों का decision गलत था लेकिन अगर आप emotions और भावनाओं के आकर decision ले रहे हैं तो 10 बच्चों को बचाना चाहेगें क्योंकि वो majority बहुसंख्यक है लेकिन एक बात याद रखिए अगर decision emotionally लिया गया हैं तो majority भी ग़लत साबित होंगी। ऐसा ज़रूरी नहीं है कि जो सब कर रहे हैं वो सही ही होगा और ऐसा भी ज़रूरी नहीं है कि एक person सबसे हट कर कुछ। कर रहा हैं तो वो गलत है। railway track वाली situation में अगर आप logically analysis कटेंगे तो आप train को Active track पर ही जाने देंगे।


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क्योंकि inactive track सालों से बंद हैं और unsafe है अगर train उस track पर divert होती हैं। तो train derail हो सकती हैं मतलब पटरियों से नीचे उतर सकती हैं और train में बैठे सैंकड़ो passengers की जान जा सकती हैं। उसके अलावा train भी damage होंगी और पटरियों के आस पास बनी हुई buildings को भी damage करेगी और उनमें रहने वाले लोग भी मारे जाएंगे। इसलिए कभी भी कोई decision emotionally नहीं लिया जाना चाहिए बल्कि logically लिया जाना चाहिए।

पोस्ट में last तक बने रहने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद । आश करता हूँ की इस पोस्ट से आपको कुछ नया सिखने का मौका मिला मिला होगा । आपको पोस्ट कैसा लगा comment कर के जरुर बताये ।

Thanks!

Motivation

Hey, i am Ankit Kumar from Jamshedpur but my native place is Bihar and i am a student in Bca (l) ,i am also a web developers, ethical hacker, blogger, affiliate marketer, and digital marketer.

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